चन्द बातों मे मैं कई बातें लिखने की हिमाकत कर रहा हूं मुलायाज़ा फरमाइए
...जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है
हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है
जिसके पास कुछ नहीं बचा लुटने के लिए
जाने क्यों हर कोई उसे ही लूट जाना चाहता है ......
Thursday, February 14, 2008
Sunday, February 10, 2008
वो कहते हैं
वो कहते हैं ऊंचा है मकान मेरा
मैंने कहा सिडिया ज़मीं से जाती हैं
उसके अरमान kahin बादलों पर टिकते है
पर बादलों कि औकात दरिया की बूंदों स बनती है
Sunday, February 3, 2008
ये राहें, काली
हांफते लोग उगलते व्हीकलाजैसे
हांफते लोग उगलते व्हीकलाजैसे
मंजिल के दौड़े ही जा रहे हैंकहां ठहरेगी जिंदगी, किसी को मालूम नहींइन सबसे बचकर मैं शांती दूत का रुख करता हूंहां, वहीं सबका जाना-पहचानाकाली, सफेद गोल टेबुलों परसिगरेट की धुओं के छल्लेप्लेन डोसा और बेस्वाद सी कड़क चाय छोटे से बजट में लाखों की बातेंशायद काम की बातें और प्यार की बातेंमैं कुछ नहीं कह सकता....लोग यहां की मुलाकातों को मोहब्बत का नाम देते हैंखैर मैं ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखता..शायद इसलिए कि किसी से इतनी अंतरंग मुलाकात नहीं हुई...छोड़ो मैं भी क्या बातें करने लगा.मैं तो दौड़ती भागती जिंदगी की बात कर रहा थाचलो, फिर सड़क पर आते हैंये सड़क किनारे बिछी हरे रंग की बैंचेंकालेज की मस्ती में डूबे युवाऔर एक अधेड़ उम्र का जोड़ाशायद जिंदगी की परिभाषा तलाश रहे हैंएक शुरू कर रहा है, दूसरा किनारे पर हैक्या खोया और क्या पाया की तलाश में जुटेऔर मैंसड़क पर दौड़ती सफेद पट्टियों के बीचवतॆमान को पकड़ने की जुगत में....
सुनोजी जी लगाकर बोलो
कौन से दौर में रहते हो
कौन से दौर में रहते हो
हम पचास साल से यहां हैं,
आज तक, तूकारे से नहीं बोला किसी को
यह जी जी का ही कमाल है
जो हम आज यहां हैं
और आप जी कल के छोकरे
सीधा-सीधा बोलते हो,
कहते हो प्रोफेशनलिज्म का जमाना है
कौनसे प्रोफेशनलिज्म की बात करते हो, बॉस
यहां सब ओर, जीकारे की सरकार है
ऊपर से नीचे तक,
जी जी कह कर ही तो पोजिशन पाई है,
किसी की बातों में प्रोफेशनलिज्म की बू आती हैतुम्हें?
सूंघने की भी हिमाकत मत करना
ऊबासी से लेकर छींक तक में,
मुस्कराहट से लेकर ठहाके तक में,
आसूं से लेकर दुःख के सागर तक में,
जीकारे के किटाणु और वायरस ही मिलेंगे
सुनो, यहां का यही रिवाज है,
जी कहो और भरपूर जीओ,
और हां,
आज के बाद फिर कभी
प्रोफेशलिज्म की बात मत करना,
बस जिन्दा रहना है तो,
आवाज नीची और जी जी कहते रहना
कौन से दौर में रहते हो
हम पचास साल से यहां हैं,
आज तक, तूकारे से नहीं बोला किसी को
यह जी जी का ही कमाल है
जो हम आज यहां हैं
और आप जी कल के छोकरे
सीधा-सीधा बोलते हो,
कहते हो प्रोफेशनलिज्म का जमाना है
कौनसे प्रोफेशनलिज्म की बात करते हो, बॉस
यहां सब ओर, जीकारे की सरकार है
ऊपर से नीचे तक,
जी जी कह कर ही तो पोजिशन पाई है,
किसी की बातों में प्रोफेशनलिज्म की बू आती हैतुम्हें?
सूंघने की भी हिमाकत मत करना
ऊबासी से लेकर छींक तक में,
मुस्कराहट से लेकर ठहाके तक में,
आसूं से लेकर दुःख के सागर तक में,
जीकारे के किटाणु और वायरस ही मिलेंगे
सुनो, यहां का यही रिवाज है,
जी कहो और भरपूर जीओ,
और हां,
आज के बाद फिर कभी
प्रोफेशलिज्म की बात मत करना,
बस जिन्दा रहना है तो,
आवाज नीची और जी जी कहते रहना
Monday, December 3, 2007
सुबह कि चाय, दोपहर कि चाय फिर शाम कि चाय का इंतज़ार करो
काम खत्म हुआ, अब घर चलने कि तैयारी करो
भरा हुआ खाने से टिफिन, फिर ले चलने कि तैयारी कारो
भरा हुआ खाने से टिफिन, फिर ले चलने कि तैयारी कारो
Saturday, November 24, 2007
Friday, November 23, 2007
बॉस खबरों कि दुनिया है ......
ऑफिस, रिपोर्ट डेस्क और खबरें
सुबह से शाम तक....ख़बरों कि दुनिया
दुनिया को दुनिया से जोड़े रखने कि जुगत
कहाँ, कब, क्या, कैसे का जवाब मांगती खबरें
हर दम नया, ताज़ा, सामने वाले से अलग
या कहिये एक्सक्लूसिव,
नाम से खबर छपने का नशा
दुसरे दिन मोबाइल पर घंटी
क्या लिखा है बॉस......
मजा आ गया, जान लेली
फिर नयी एक्सक्लूसिव की तईयारी...
फिर अचानक एक दिन बॉस का नोटिस
ये क्या है...ऐसे नही चलेगा...मुझे इसका लिखित में
जवाब चाहिऐ....
थोडा सा गम, साथी रिपोर्टर का कन्धा
फिर दुसरे दिन की तयारी...
बॉस खबरों कि दुनिया है
यहाँ तो ऐसे ही चलता है
ऐसे ही चलेगा......
सुबह से शाम तक....ख़बरों कि दुनिया
दुनिया को दुनिया से जोड़े रखने कि जुगत
कहाँ, कब, क्या, कैसे का जवाब मांगती खबरें
हर दम नया, ताज़ा, सामने वाले से अलग
या कहिये एक्सक्लूसिव,
नाम से खबर छपने का नशा
दुसरे दिन मोबाइल पर घंटी
क्या लिखा है बॉस......
मजा आ गया, जान लेली
फिर नयी एक्सक्लूसिव की तईयारी...
फिर अचानक एक दिन बॉस का नोटिस
ये क्या है...ऐसे नही चलेगा...मुझे इसका लिखित में
जवाब चाहिऐ....
थोडा सा गम, साथी रिपोर्टर का कन्धा
फिर दुसरे दिन की तयारी...
बॉस खबरों कि दुनिया है
यहाँ तो ऐसे ही चलता है
ऐसे ही चलेगा......
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